Tuesday, August 11, 2020

... रफ्तार बढ़ा

जो बीत गयी सो बात गयी ...ये बात किसी ने खूब कहीं
फिर क्या सोचे तू ,पड़ा-पड़ा ..उठ जाग जा अब रात गयी
कर तैयारी आगे की बीती बातों को को छोड़ परे ,वरना
फिर तू ही बोलेगा यार मेरे .. सारी मेहनत बेकार गयी।

मन बाँध ले कुछ बनने की , अब तू ठान ले कुछ करने की
देख सूरज की किरणें  कैसे आकर तेरी राहों में फ़ैल गयी।
न बना बहाना अब कोई,नहीं वक्त बचा करे तू मनमानी
फिर न पछताना ये कहकर कि अब तो उमर ही बीत गयी।
चल कदम बड़ा और चलता जा ,ठोकर को ठोकर से मार भगा
अपने इन कदमो में तू फिर ला दुनिया को फिर झुका।

चल निकाल तीर अपने तरकश से अपने लक्ष्य पर साद ज़रा
देख अचंभित हो सब देव-गुरु तू ऐसे अपने तीर चला।
मत देर लगा तू ऐसी दौड़ लगा अपने कदमों की धार बढ़ा
सबको पीछे तू छोड़ ज़रा, अरे यार मेरे रफ़्तार बड़ा
सारी दुनिया को दिखला दे की तुझमें अभी है बात वही।


No comments:

Post a Comment

प्यार

            "प्यार” पाया तुमको मिला नया संसार है इसमें ख़ुशियाँ मिली बेशुमार है जीना है- जीना है -जीना है कानों में गूंजती बस ये आवाज़ ...