कल रात ऐसे ही छत पर खड़ी थी
खड़ी आसमां को यू ही तक रही थी
देखा कि तारों से भरे आसमं में भी
वो चाँद बिलकुल तनहा खड़ा था ।
उतर आये वो मेरी छोटी सी छत पर
उसके लिए मैंने एक सीढ़ी लगा दी
आया तो पूछा हो क्यूँ इतने परेशान
वो बोला ,
नहीं भाती मुझको ये सितारों की महफ़िल
नहीं मन लगता अब कही भी तेरे बिन
या तू साथ चल मेरे, मेरे जहाँ में
या कर ले तू शामिल मुझे अपने जहाँ में।
मन तो हुआ उसको अपना बना लूँ
कही लौट ना जाए,मैं वो सीड़ी छिपा दूँ
वो बोला,
कहने को तो मेरे पास सारा जहाँ है
मगर तेरी बाहें ही अब मेरा आसमाँ है
बेसुध हुई मैं उसकी बातों में खोयी
पर जब नींद टूटी मैं फूट-फूट कर रोयी
कोई भी नहीं था वहाँ,मैं फ़र्श पर पड़ी थी
पर जो लगायी थी बड़ी हसरतों से छत पर,
मेरे सपनो की वो सीड़ी,अब भी पड़ी थी।।"
खड़ी आसमां को यू ही तक रही थी
देखा कि तारों से भरे आसमं में भी
वो चाँद बिलकुल तनहा खड़ा था ।
उतर आये वो मेरी छोटी सी छत पर
उसके लिए मैंने एक सीढ़ी लगा दी
आया तो पूछा हो क्यूँ इतने परेशान
वो बोला ,
नहीं भाती मुझको ये सितारों की महफ़िल
नहीं मन लगता अब कही भी तेरे बिन
या तू साथ चल मेरे, मेरे जहाँ में
या कर ले तू शामिल मुझे अपने जहाँ में।
मन तो हुआ उसको अपना बना लूँ
कही लौट ना जाए,मैं वो सीड़ी छिपा दूँ
वो बोला,
कहने को तो मेरे पास सारा जहाँ है
मगर तेरी बाहें ही अब मेरा आसमाँ है
बेसुध हुई मैं उसकी बातों में खोयी
पर जब नींद टूटी मैं फूट-फूट कर रोयी
कोई भी नहीं था वहाँ,मैं फ़र्श पर पड़ी थी
पर जो लगायी थी बड़ी हसरतों से छत पर,
मेरे सपनो की वो सीड़ी,अब भी पड़ी थी।।"
lovely ...
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